सीने में जलन क्यों होता है ?
सीने में अचानक जलन क्यों होता है यदि आप इस सवाल का जवाब तलाश रहे है तो आज के इस आर्टिकल में आपको जानने को मिलेगा इसका जवाब की सीने में जलन होने के क्या कारण है, सीने में जलन के क्या-क्या लक्षण है.
पर्याय- अम्लपित्त, तुर्शी, आमाशय की अम्लता, हृद--दाह, हाइपर एसीडिटी (Hype acidity), एसिड डिस्पेप्सिया, गैस्ट्रोक्सिया (Gastroxia) आदि नामों से जाना जाता है। सामान्य भाषा में खट्टी डाकरें आना।
सीने में जलन, रूपरेखा-
- सीने में जलन क्यों होता है ?
- सीने में जलन के कारण
- सीने में जलन के सामान्य लक्षण
रोग परिचय- जब विदाही आदि पदार्थों के सेवन से पित्त में अम्ल (Acid) गुण की अतिवृद्धि हो जाती है, तो उसे अम्लपित्त (Heart burn) कहते हैं।
सीने में जलन के कारण -
- अत्यधिक धूम्रपान (Excessive Smoking) |
- कार्बोहाइड्रेट्स का ठीक से पाचन न होने से शर्करा का किण्वीकरण (Fermentation) जाता है, जिससे अम्ल उत्पन्न होकर छाती में जलन होने लगती है।
- रात को मसाले, मिर्चयुक्त चटपटे भोजन से पेट को भर कर सो जाने से प्रायः ऐसा होता है।
- चर्बी, कच्चा या अधपका मांस आदि का अधिक सेवन ।
- पित्ताश्मरी, जीर्ण उपांत्रप्रदाह, आमाशयिक व्रण एवं ग्रहणी में अवरोध आदि रोगों से। भोजन को ठीक चबाकर न खाना एवं दाँतों का सड़ना ।
सीने में जलन के सामान्य लक्षण -
- परिश्रम के बिना ही थकावट होना।
- मितली आना ।
- कड़वी एवं खट्टी डकारें आना
- शरीर में भारीपन, हृद प्रदेश एवं गले में
- जवन की अनुभूति
- अरुचि एवं आध्यमान ।
- कुक्षिशूल एवं अंगों में शक्ति का ह्रास ।
- सिर में व्यथा ।
दोस्तों सीने में जलन से सम्बंधित इस आर्टिकल की जानकारी में हमने बस आपको सीने में जलन क्यों होता है? सीने में जलन के क्या लक्षण है ? और साथ ही सीने में जलन के कारन की जानकारी दी है.

