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नींद की कमी से नुकसान 

आज के समय में कई लोगों की जीवनशैली अस्त-अस्त व्यस्त है। देर से सोते हैं और देर से उठते हैं। कुछ लोग देर से सोते हैं, लेकिन सुबह जल्दी उठ भी जाते हैं. ऐसे में नीद भी सात घंटे से कम हो पाती है। आज के इस लेख में हम नींद की कमी से होने वाले नुकसान के बारे में जानेंगे. अगर आप अच्छा खाते हैं और नियमित रूप से व्यायाम करते हैं लेकिन रोज कम से कम सात घंटे की नींद नहीं लेते हैं, तो आपको स्वास्थ्य से सम्बंधित गंभीर समस्याएं हो सकती है। 

Sleep Deprivation


जरूरी है कि आप अपनी ऊर्जा को रिचार्ज करने के लिए रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नीद अवश्य लें। यदि नहीं लेंगे, तो इसका सीधा असर याददाश्त पर पड़ सकता है, गुस्सा और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

हम नींद की कमी व नींद की कमी से होने वाले नुकसान के बारे में आपको कुछ महत्वपूर्ण जानकारी आपको निचे दे रहें हैं- 

नींद की कमी से नुकसान- 

  • मानसिक क्षमता पर प्रभाव
  • मन को खल जाती है नींद की कमी 
  • मासिकधर्म प्रभावित होगा 
  • वज़न बढ़ने का कारण है 
  • हृदय केलिए भी हानिकारक 
  • मधुमेह का जोखिम 
  • चिडचिडापन से सामना
  • दिन में नींद व आलस की समस्या
  • पाचन तंत्र पर प्रभाव  
  • हड्डियों का कमजोर हो जाना 

01. मन को खल जाती है नींद की कमी (Lack of sleep disturbs the mind)

नींद और मानसिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। नींद की कमी से व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए कहा जाता है कि जितनी अच्छी नींद होगी उतना ही अच्छा मानसिक स्वास्थ्य भी होगा। इसके अलावा जिन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उनमें अनिद्रा या अन्य नींद संबंधी समस्याओं से पीड़ित होने की संभावना ज्यादा होती हैं। बेताबी (एंग्जाइटी), अवसाद, बाइपोलर डिसऑर्डर और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर से पीड़ित मरीजों में नींद को समस्या (एडीएचडी) होने की संभावना अधिक होती है। 

02. मानसिक क्षमता पर प्रभाव (Eeffect on mental ability)

नींद की कमी मानसिक क्षमता को कम कर देती है। पर्याप्त नींद न लेने से शारीरिक स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में स्वस्थ मानसिक स्वास्थ्य के लिए आठ घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। जिन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य समास्याएं हैं उन्हें डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी बीमारियों से बचने के लिए सोने की आदतों में सुधार करना चाहिए और पर्याप्त आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। (पढ़े - भूलने की बिमारी के बारे में )

03. मासिकधर्म प्रभावित होगा (menstruation will be affected)

कम नींद लेने से मासिक धर्म की समस्याएं जैसे अनियमित पीरियड्स, स्पॉटिंग और हैवी फ्लो, ये सभी हो सकते हैं, खासतौर पर पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। इससे मासिक धर्म के दौरान दर्द और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी कम होती हैं। स्लीप एपनिया यानी नींद की कमी का रोग शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को नुकसान पहुंचता है। नींद के दौरान शरीर की लगभग हर कोशिका की मरम्मत होती रहती है। लेकिन नींद की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

04. वजन बढ़ने का कारण है (Cause weight gain)

नींद पूरी न होने से दिन भर थकान और सुस्ती बनी रहती है। इस वजह से लोगों में अस्वस्थ भोजन खाने की आदत बढ़ जाती है जिससे वजन बढ़ता है। दूसरा कारण यह है कि जो लोग कम सोते हैं, उनकी शारीरिक क्रिया या व्यायाम छूटने से वजन बढ़ जाता है।

जाने - स्वास्थ्य जीवन के पाच मन्त्र 

05. हृदय के लिए भी हानिकारक (Harmful to the heart)

यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार नींद की कमी के कारण अजित के लिए दिल के रोगों का खतरा बढ़ जाता है। रचा गया कि जिन लोगों को हृदय की बीमारी के लो। घंटे से भी कम सोते थे। इस वजह से उनका हृदयक कार्य प्रभावित हो रहा था। कोरोनरी हार्ट डिजीज पर रोग, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और हापट का कारण नींद की कमी हो सकता है।

06. मधुमेह का जोखिम (Risk of diabetes)

पर्याप्त नींद ना लेने से मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है। कम नींद लेने से शरीरे अपड शुगर (रक्त शर्करा) को नियंत्रित करने वाले होमोन इंसुलिन को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाता। नींद की कमो सुलिन उत्पादन और ग्लूटेन टोलरेंस (सहनशीलता) को कम करती है। इस वजह से कोशिकाएं इंसुलिन का उपयोग करने में कम प्रभावी हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप मधुमेह हो सकता है।

07. चिड़चिड़ापन से सामना – 

नींद पूरी ना हो पाने की वजह से कई बार हमें चिड़चिड़ापन का सामना करना पड़ता हैं. जिसका सीधा असर हमारे दिनचर्या पर पड़ता हैं और हम आसन कामो को भी अच्छे से नहीं कर पाते जिसका नुकशान हमें उठाना पड़ता हैं. साथ ही चिड़चिड़ापन होने की वजह से हमारे व्यवहार पर भी असर पड़ता हैं. 

 08. दिन में नींद व आलस की समस्या (Daytime sleepiness and lethargy)

जब हमारी नींद पूरी नहीं होती तब अक्सर हमें दिन के समय में नींद या जम्हाई आती हैं और यह हमारे सेहत के लिए सही नहीं होता. और हम दिन में नींद आने की वजह से फ्रेश भी फील नही करते हैं. रात के समय में नींद पूरी नहीं होने से हम आलस फील करते हैं और इसी आलास की वजह से हमारे काम भी बिगड़ते हैं. 

09. पाचन तंत्र पर प्रभाव (Effect on the digestive system)-  

कम नींद का प्रभाव आपके पाचन तंत्र पर भी पड़ता है. पर्याप्त नींद न लेने पर पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, जिसके कारण आपको पेट साफ न होने या कब्ज की समस्या भी हो सकती है.

10. हड्डियों का कमजोर हो जाना (Weakening of bones)

ऑस्ट‍ियोपोरोसिस नामक बिमारी में अच्छी नींद नहीं लेने की वजह से हड्डियां कमजोर होना शुरू हो जाती हैं. इसके अलावा हड्डियों में मौजूद मिनरल्स का संतुलन भी बिगड़ जाता है. इसके चलते जोड़ों के दर्द की समस्या पैदा हो जाती है.

Conclusion:– 

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने  नींद की कमी से नुकसान या नींद की कमी से होने वाले कुछ नुकसान के बारे में जाना. यदि आपको यह जानकारी पसंद आयी हो और उपयोगी लगा हो तो इस आर्टिकल और जानकारी को शेयर जरूर करें. “धन्यवाद”

त्यौहार के बाद की उदासी और थकान को दूर कैसे करें? 

त्यौहार हमारे जीवन में एक नई ताजगी और नया उत्साह लाते हैं। ये वो समय होता है जब हमारे पास बहुत सारे काम नए काम करने को होते हैं हमारी पूरी दिनचर्या एकदम बदल जाती है। हम हर रोज नए-नए काम कर रहे होते हैं। हम अपने रिश्तेदारों, दोस्तों से मिल रहे होते हैं और इन सब कामों के कारण हममें एक अलग ऊर्जा होती है और ये सारी चीजें सब में दिखाई पड़ती हैं.

पर एक बार जब ये त्योहार के दिन ये बीत जाते हैं तो हमारे जीवन में एकदम से एक निर्वात (खालीपन) बन जाता है और हम कंफ्यूज हो जाते हैं कि अब हम क्या करें। ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों को इस स्थिति के कारण तनाव महसूस होने लगता है और वो अपने रोजमर्रा के जीवन में एडजस्ट करने में असहज हो जाते हैं।

How to overcome fatigue and sadness

थकान और उदासी को दूर करने के लिए -

  • थकान और उदासी के लक्ष्ण 
  • खान-पान बदलें (Change Diet)
  • कसरत करें (do Workout)
  • एलबम बनाएं (Create Album)
  • योजना बनाएं (Make Plan)

थकान और उदासी के निम्न लक्ष्ण हो सकते हैं जैसे- 

  • किसी भी काम में मन ना लगना 
  • पूरे दिन थकावट महसूस करना अपने रोज के कामों को करने की इच्छा न होना 
  • पुरानी बात करने पर उदास हो जाना - ऐसा लगना कि अच्छा समय तो बीत गया, अब क्या होगा? 
  • रात में ठीक से नींद ना आना और सुबह उठकर अच्छा महसूस ना करना।
  • दिन भर उबासी व आलस से सामना करना 
  • ढंग से बता करने की इच्छा ना होना ! आदि  

खान-पान बदलें (Change Diet)

त्योहारों में हमारी खाने-पीने की आदतों में बदलाव आ जाता है। हम तली हुई और मीठी चीजें ज्यादा खाने लगते हैं। हमारे खाने का टाइम तय नहीं रहता। इसलिए ये बहुत जरूरी है कि हम सबसे पहले अपने खाने-पीने की आदतों में बदलाव लाएं। कही न कही हमारा शरीर और मन उन्ही खान-पान में अटका रहता हैं जो त्योहारों के माहोल में हुआ करता था. 

कसरत करें (do Workout)

किसी भी तरह के तनाव को कम करने के लिए व्यायाम बहुत जरूरी है इसलिए अपनी दिनचर्या में कम से कम 30 मिनट कसरत करने को जरूर शामिल करें, और इसमें बोरियत से बचने के लिए हर दिन अपने व्यायाम से कुछ नया करते रहे। इसके लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह भी ले सकते है। कसरत करने से हमारे बॉडी में कई तरह की हारमोंस भी रिलीस होती हैं जिनमे ख़ुशी का अनुभव कराने वाले हार्मोन्स - 1. एंडोर्फिन (Endorphins) 2. डोपामाइन (Dopamine) 3. सेरोटोनिन (Serotonin) और 4. ऑक्सीटोसिन (Oxytocin). ये चार हार्मोन हमें ख़ुशी का अहसास कराती हैं. (बेहतरीन योगासन देखें - क्लिक करें )

एलबम बनाएं (Create Album)

त्योहार पर मोबाइल से खींची तस्वीरों को प्रिंट करा के एक एलबम बनाएं, और साथ ही साथ एक डायरी बनाएं जिसमें अपने इस त्योहार की यादों को लिखें। इसमें लिखें कि आपने इस बार क्या नया सीखा और आपका इस बार का अनुभव कैसा रहा। ऐसा करने से आपकी यादें केवल यादें ही बन कर नहीं रह जाती बल्कि उन्हें जिवंत रूप मिलता हैं. 

योजना बनाएं (Make Plan)

अपने आने वाले समय की योजना बनाना शुरू करें जिससे आप अपने आप को अच्छा महसूस करा सकें जैसे अपने दोस्तों के साथ घूमने की योजना बनाएं, किसी नई जगह या नए होटल में डिनर करने की सोचें, आने वाले दूसरे पर्व में क्या करना है ये सोचे और सिमित होकर कुछ नया करें। 

इन हेल्थ टिप्स को भी पढ़े:-


स्वस्थ जीवन के 05 मंत्र 

स्वस्थ जीवन की चाह आज के समय में हर किसी को रहती हैं. पर क्या सभी स्वस्थ हैं? नहीं ! क्योंकि एक स्वस्थ जीवन और स्वस्थ शरीर पाने के लिए भोजन में नियंत्रण और अपने दिनचर्या में अनुशासन की आवश्यकता होती हैं.

health tips for daily routine in hindi

Table of Content - 

  • सेहतमंद सुबह (Healthy Morning) 
  • नियमित समय पर भोजन (Regular Meals) 
  • तरल पदार्थो का सेवन (Fluid Intake) 
  • ज्यादा नमकीन व मिर्च-मसाले से बचे 
  • नशे से हमेशा बचे

HEALTH TIPS FOR DAILY ROUTINE IN HINDI

आज के इस जानकारी में हम जानेंगे ऐसी 05 बातों या स्वस्थ जीवन के उपाय के बारे में जिसे अपना कर आप अपना जीवन स्वस्थ जीवन बना सकते हैं और साथ ही साथ “सुखी जीवन- निरोगी काया” जैसे वाक्यों को अपने जीवन में लागू कर सकते हैं.

01. सेहतमंद सुबह (Healthy Morning)-

माना जाता हैं की जितना अच्छा आपका सुबह होगा उतना ही बेहतर आपका पूरा दिन होगा, तो कोशिश करें की आप अपने सुबह को जितना बेहतर बना सके. आप अपने सुबह को बेहतर बनाने के लिए कुछ आदतों को जरूर अपनाए जैसे- सुबह सूर्योदय से पूर्व उठ जाना, उठ कर कम से कम एक गिलास पानी पीना, फ्रेश हो कर योगा या व्यायाम करें, कोशिश करें की सुबह नाश्ता  जरूर करें और खाना नहाने के बाद ही खाए.(जाने - पानी पिने की चमत्कारी फायदों को )

02. नियमित समय पर भोजन (Regular Meals)-

नियमित समय पर भोजन आपके सेहत को बनाये रखने में मदद करता हैं. इतना ही नहीं आपका समय पर भोजन कर लेना आपके शरीर को सतत ऊर्जा देता हैं जिससे की आप अपने कामो को बेहतर तरीके से कर पाते हैं.

समय समय पर जब हमें भोजन की आदत होती हैं तो हमारा शरीर भी इस प्रक्रिया को अच्छे से समझ जाता हैं और इसे स्वीकार करता हैं. (जाने - भूख न लगने की वजह )

03. तरल पदार्थो का सेवन (Fluid Intake)-

अपने रोजाना के खाने में तरल पदार्थो को सामिल जरूर करें. तरल पदार्थो में पानी जिसका उपयोग ज्यादा करें, तरल पदार्थो में खनिज लावन व पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा पायी जाती हैं इसी लिए आप अपने खाने में जूस जैसी चीजें (जिसका भी जूस आपको पसंद हो) जरूर लीजिये. इतना ही नहीं आप ताज़गी और थकान मिटाने के लिए ग्रीन टी या टी का सेवन कभी कभी कर सकते हैं.

04. ज्यादा नमकीन व मिर्च-मसाले से बचे (Avoid Excessive Salty And Chili-Spicy) –

ज्यादा नमकीन व मिर्च-मसाले से बचने का सुझाव देने के पीछे कई तरह के वजह हो सकते हैं जैसे – पेट से जुड़ी समस्यायों से दूरी, बहुत अधिक मसालेदार भोजन खाने से भूख खत्म हो जाती हैं, बुखार हो सकता हैं, मसूड़ों में सूजन और नाक से खून भी निकल सकता हैं. - ज्यादा तीखा भोजन हमारे टेस्ट बड़ को नुकसान पहुंचाते हैं और इससे सांस की बदबू की समस्या भी हो सकती हैं.

05. नशे से हमेशा बचे (Always Stay Away From Drugs)-

एक किसान अपने फसलों को बड़ा करने के लिए कितने ही खाद डाल ले, फसल की कितनी भी देख-भाल कर ले यदि उन फसलों में एक बार कीड़े लग गए तो उस फसल को बर्बाद होने से कोई नहीं रोक सकता. ठीक हमारा शरीर भी उस फसल के जैसे ही हैं जिसे यदि एक बार नशे का कीड़ा लग जाय तो वह हमारे जीवन को बर्बाद कर देता हैं. इसलिए कोशिश करें की नशे वाली चीजों से हमेशा दूर रहें.

तो दोस्तों इस जानकारी में केवल स्वस्थ रहने के 05 मंत्र को हमने जाना, यदि आप इन 05 बातों का ध्यान रख इसका पालन अनुशासन से करते हैं तो आपका तन और मन दोनों हमेशा निरोग और स्वस्थ रहेगा.

इन हेल्थ टिप्स को भी पढ़े:-


दिनचर्या को कैसे सुधारे (how to improve routine)

दिनचर्या को कैसे सुधारे ? इस सवाल के जवाब में कई बातें हैं जिसे जान कर आप अपने दिनचर्या में बदलाव ला सकते हैं और अपने दिनचर्या को बेहतर बना सकते हैं. लेकिन आज हम ऐसी 04 बातों को जानेंगे जिसके जरिये आप अपने रोजाना के दिनचर्या को बेहतर बना सकते हैं. हमारी दिनचर्या हमारे सेहत और हमारे भविष्य का निर्धारण करती हैं, इसी लिए बेहतर होगा की हम अपने दिनचर्या को बेहतर से बेहतर बना सके –

how to improve daily routine in hindi

दिनचर्या को कैसे सुधारे इसके लिए हम निम्न 4 बातों को जानेंगे-

  • सोशल मीडिया से दुरी (Away from social media)
  • व्यायाम शुरू करें ( start exercising)
  • तनाव न लें (Don't stress)
  • पॉश्चर सही रखें (keep posture right)

1) सोशल मीडिया से दुरी (Away from social media):-

स्वीकारें यह एक लत की तरह हैं साइक्रियाटिक न्यूज के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अधिक उपयोग से डिप्रेशन बढ़ता हैं। टीनएजर्स में यह आत्मसम्मान कमजोर करता है. सोशल मीडिया से दुरी आपको अपने काम में ध्यान लगाने में मदद करेगा।

सोशल मीडिया से दुरी बनाने के लिए क्या करें : अधिकतर फोन की सेटिंग में डिजिटल वेलबीइंग एंड पैरेंटल कंट्रोल विकल्प होता है। इससे स्क्रीन टाइम जान सकते हैं। उपयोग घटाने के लिए नोटिफिकेशन को बंद रखें। जरूरी पोस्ट पर ही रेस्पॉन्ड करें। टाइम लिमिट तय करें। बाहरी दबाव के लिए दोस्त की मदद ले सकते हैं।

2) व्यायाम शुरू करें ( start exercising):-

30 मिनट की वॉक भी चमत्कारी साबित हो सकता हैं. हार्वर्ड के अनुसार निष्क्रिय जीवन शैली से मानसिक स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ता हैं। (करें यह योगासन और रहे सेहतमंद )

व्यायाम शुरू करने के लिए क्या करें : रोज 30 मिनट.वॉक करें। 15 मिनट की साइकिलिंग भी कारगर हैं। इससे फील गुड हार्मोन एंडॉर्फिन रिलीज होता हैं। जब आप व्यायाम करते हैं तब आपके पसीने के जरिये शरीर की अशुद्धिय जिसे टक्सिक पदार्थ कहा जाता हैं, वह बहार निकल जाता हैं और आपको ताजगी महशुस होती हैं।

3) तनाव न लें (Don't stress):-

तनाव न लें क्योंकि इससे कुछ भी नहीं बदलेगा. वेबएमडी के अनुसार तनाव में स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होते हैं, जो भावनाओं को नियंत्रित करने वाले मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं।

तनाव कम करने के लिए क्या करें : जब भी तनाव हो वॉक करें। प्रतिदिन 10 से 15 मिनट डीप ब्रीदिंग करें, और इसके साथ साथ आप मेडिटेशन को भी यदि अपने दिनचर्या में शामिल करते हैं तो आपके जीवन में तनाव बहुत हद तक कम हो जाता हैं।(देखें बेहतरीन हेल्थ टिप्स )

4) पॉश्चर सही रखें (keep posture right) :-

आप हमेशा यह कोशिश करें की अपना पॉश्चर सही रखें वरना मानसिक ऊर्जा घट जाएगी. हार्वर्ड के अनुसार जब झुक कर बैठते हैं तो टेस्टोस्टेरोन हार्मोन में वृद्धि होती हैइससे आत्मविश्वास कमजोर होता है। और हमारे जीवन में आत्मविश्वास कितना आवश्यक हैं यह हम अच्छे से जानते हैं।

पॉश्चर सही रखने के लिए क्या करें : जब भी आप लम्बे समय के लिए बैठे तो अपने सहूलियत के अनुसार  हर 25 मिनट में सीट से उठ जाएं। पॉश्चर को मदद मिलेगी। रक्त प्रवाह बढ़ेगा। कुर्सी पर बैठते समय पैरों को फर्श पर रखें। उन्हें क्रॉस करके न बैठे।

अपनी दिनचर्या को कैसे सुधारे  इस महत्वपूर्ण सवाल के जवाब के रूप में आपको इस आर्टिकल में बतायी गयी बातो को ध्यान में रखना होगा और अपने routine को improve करने के लिए इन 4 चीजों को फालो करना होगा, दिनचर्या को कैसे सुधारे  (how to improve routine) यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें.

इन्हें भी पढ़े:- 

सुबह जल्दी कैसे उठे  

सुबह जल्दी कैसे उठे या सुबह जल्दी उठने की आदत एक आपके सेहत को ध्यान में रखते हुए आपके जीवन की सबसे अच्छी आदत हो सकती हैं. सुबह जल्दी उठने के लिए क्या करें? सुबह जल्दी कैसे उठे  इस सवाल के तो कई सरे जाब आपको मिल जायेंगे पर आज के इस आर्टिकल मे मै आपको कुछ ऐसे आसन बातों के बारे में बताने जा रहा हु जिससे आपको सुबह जल्दी उठने की आदत कैसे डाले इसका जवाब मिल जाएगा और आप सुबह जल्दी उठने की आदत भी विकसित कर सकेंगे –

सुबह जल्दी कैसे उठे | जाने इन 07 बातो को | how to wake up early in the morning

सुबह जल्दी उठने की आदत डालने के लिए आपको निचे दी गयी बातो को ध्यान में रख कर ईमानदारी से इसका पालन करना होगा- 

01.रात में जल्दी सोने की आदत:-

सुबह जल्दी उठने की आदत डालने से पहले आपको रात में जितनी जल्दी हो सके अपने सारे कामो को ख़त्म कर के सोने के लिए एक नियमित समय को चुनना होगा अब यह समय कैसा होना चाहिये ? एक्सपर्ट्स का मानना हैं की एक व्यक्ति को कम से कम 07 घंटे की नींद लेनी चाहिए लेकिन यह सबके शरीर पर लागू नहीं होता।

कोशिस करें की आप 11 बजे तक अप्नाकाम कर अपने बिस्तर पर चले जाय. सुबह जल्दी उठने के नियम में इसे हम प्राथमिकता देते हैं.

02.सोते समय मोबाइल का उपयोग:- 

अब जब तक आप सोते समय अपने मोबाइल का उपयोग करते हैं तो ज्यादा चांस हैं की आप अपने उस निर्धारित समय पर नहीं सो पाएंगे जो आपने तय किया हैं. तो कोशिस करें की  अपने निर्धारित समय में ही सो जाय, एक पूरा नींद पूरा करें और सुबह समय पर उठने की कोशिस करें।

03.अलार्म का उपयोग:-

दोस्तों अलार्म एक ऐसा चीज हैं जो हमें सुबह उठने में मदत करती हैं.और सोने के बाद तो हम यह भूल जाते हैं की हमें सूबा उठना भी हैं. बस इसी बात को याद दिलाता हैं अलार्म लेकिन हम इसे भी बंद कर के सो जाते हैं और हम सुबह नहीं उठ पाते. तो कोशिस करें की जब भी अलार्म बजे तो याद से उठ जाय, उसे बंद करके फिर से सो जाना आपकी हार होगी।

04.खाने की आदत:-

आयुर्वेद का मानना हैं और कहा भी जाता हैं की रात में हमेशा हल्का खाना खाने से आपकी सेहत अच्छी रहती हैं. और आपकी यही खाने की आदत आपको सुबह जल्दी उठने में मदत करेगी, जबी रात में हल्का और हेल्दी खाना खाते हैं तो आपका पाचनतंत्र भी मजबूत रहता हैं और वह खाना अच्छे से पच भी जाता हैं. जिससे आपका उदर स्वस्थ रहता हैं इसके साथ ही साथ इससे आप अपने शरीर को गलत खाने से भी बचा सकते हैं। 

यह भी पढ़े - अपने अन्दर की आलस को दूर कैसे करें ?

05.अपने फायदे को सोचे:-

अब यह तो बताने की बात नहीं हैं की जब भी बात हमारे फायदे की आती हैं तो हम उसे हमेशा सीरियस लेते हैं, तो और क्या बस आपको अपने फायदों के बारे में सोचना होगा की जब आप सुबह जल्दी उठेंगे तो आप अपना सारा काम सही समय पर कर पाएंगे और जब आपके पास समय हो तब अपने सरे कामो के साथ साथ खुद के लिए भी समय निकाल पाएंगे. अब इस समय में आप अपने पर्शनल ग्रोथ के लिए काम कर सकते हैं जैसे की – बुक्स पढ़ना,बॉडी बनाना,स्किल पर काम करना और भी ऐसे कई तरह के काम। 

06.कम से सुरवात करें:-

अब यहाँ कम से मतलब कम समय से हैं, आप एकदम से 04 बजे ही न उठ जाय की मुझे सुबह उठना हैं कर के, बल्कि आप कोशिस करें की सुरवात के दिनों में थोडा आराम से उठे और इसे धीरे धीरे कम करते जाय और अंत में अपना एक नियमित समय तय करे की मुझे तयशुदा समय में उठना हैं. जैसे मई रोजाना सुबह 06 बजे से पहले उठ जाता हु और यह मेरा नियमित समय हैं. आप भी अपना नियमित समय तय कर ले। 

07.आदत बनाए रखें:-

दोस्तों जब हम किसी चीज को अपनी आदतों में सामिल कर लेते हैं तो वह हमारे जीवन का एक हिस्सा बन जाता हैं, ठीक ऐसे ही सुबह जल्दी उठने की आदत को अपने जीवन का एक हिस्सा बना ले. और साथ ही इस बात का भी ध्यान रखे की जब तक आपकी आदत बरकरार रहेंगी तभी तक आपको इसका फायदा मिलता रहेगा। 

तो दोस्त इस सुबह जल्दी कैसे उठे इस सवाल के सन्दर्भ में हमने आपको सुबह जल्दी उठने के लिए कुछ खास तरीको के बारें में बताया. इन सभी तरीको को जब तक आप आजमाएंगे नहीं तब तक आप कभी भी सुबह उठने में सफल नहीं हो पाएंगे। 

हमेशा सेहतमंद रहने के लिए इन्हें भी पढ़े- 

स्वास्थ्य संबंधी सलाह | Health Tips Hindi

स्वास्थ्य संबंधी सलाह तो हर कोई जानना चाहता है पर यहां गलती  यह करते है की स्वास्थ्य संबंधी सलाह पता होने के बाद भी वो उसका  पालन नहीं कर पाते और अपनी सेहत को खो बैठते है, तो आज के इस आर्टिकल में स्वास्थ्य संबंधी सलाह आपको मिलेगी की आपको क्या नहीं करना चाहिए और क्या नही। 

स्वास्थ्य संबंधी सलाह

Swasthay Sambandhi Slah -

  1. नाक से सांस लें। यदि मुंह से सांस लेने की आदत है  तो इसका अर्थ है आपका शरीर रोगी बनता जा रहा है।

  2. सोते समय रजाई, चादर अथवा कंबल से सिर ढंककर न सोयें। रात में सोते समय हवादार कमरे में खिड़की खोलकर तथा यदि आवश्यक हो तो मच्छरदानी लगाकर सोयें।

  3. नहाने  के तुरंत बाद नाश्ता या भोजन करना तथा नाश्ता या भोजन के तुरंत बाद नहाना आपके लिये हानिकारक है। स्नान के कम से कम आधा घंटा बाद नाश्ता लें या एक घंटा बाद भोजन करें। यदि किसी वजह से नाश्ता या भोजन के बाद स्नान करना हो तो क्रमशः कम से कम 2 या 3 घंटे का अंतर अवश्य रखें।

  4. प्रातःकाल स्नान के तुरंत बाद योगाभ्यास करना उत्तम है। यदि बिना स्नान किये अभ्यास करते हैं तो योगाभ्यास के कम से कम 20 मिनिट बाद स्नान करना सही है । यदि प्रातःकाल योगाभ्यास के लिए समय प्राप्त न हो सके तो दोपहर के भोजन या नाश्ता के क्रमशः कम से कम चार या दो घंटे बाद शाम को योगाभ्यास करना उत्तम है।

  5. योगाभ्यास के कम से कम आधा घंटा या एक घंटा बाद क्रमश: नाश्ता या भोजन करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। 

  6. शौच, पेशाब, छींक, आंसू, भूख, प्यास के वेगों को न रोकें ।

  7. योग और व्यायाम के बेहतरीन फायदों को जाने - क्लिक करें

  8. भोजन तथा आसन-प्राणायाम, प्रातःकालीन भ्रमण / दौड़ने के बाद पेशाब करना शरीर के लिए हितकर है।

  9. तम्बाकू, चाय, काफी, शराब, भांग, बीड़ी, सिगरेट, अफीम जैसे व्यसनों की गुलामी से मुक्त हों। साथ ही अच्छी चीजों की दासता भी मुक्त हो जायें।

  10. बैठते समय, कार्य करते समय एवं चलते समय रीढ़ सीधी रखने का प्रयास करे, ऐसा करने से आपके शरीर की हड्डिया मजबूत रहती है और उसके कार्य करने  की क्षमता भी बरकरार रहती है।  

  11. कोशिस करे की दो भोजनों के बीच कम से कम छः घंटे का अंतर हो तथा भोजन एवं नाश्ते के बीच 3 घंटे का अंतर अवश्य हो। सुबह से शाम तक बार-बार कुछ खाते पीते रहना रोग और अकाल मृत्यु को निमंत्रण देना है, तो कोशिस करे की इस चीज से बचे।


  12. सुबह नाश्ता वही लें जो शारीरिक परिश्रम अधिक करते हों , नहीं तो केवल दोपहर और शाम को भोजन स्वास्थ्य के लिए सही है ।

  13. अपने आहार में फल एवं सब्जी की मात्रा 75 प्रतिशत तथा कार्बोज(चावल, गेहूं से बने पदार्थ, प्रोटीन) (दाल दूध) और चिकनाई (घी,तेल) की मात्रा 25 प्रतिशत होनी चाहिए।

  14. रोटी के लिए गेहूं के महीन आटा (मैदा) के स्थान पर मोटा आटा (सूजी के आकार का) पिसवाकर बिना छाने ही दो या तीन घंटे पहले गूंथकर रोटी बनाई जाने पर उतने ही मूल्य के आटे में आपके भोजन में रेशा 6 गुना खनिज पदार्थ 4 गुना तथा विटामिन "बी" 4 गुना से ज्यादा मिलता है। खाद्य पदार्थ के ये अमूल्य घटक पेट की सफाई और रोगों से हमारे शरीर की रक्षा करते हैं। अतः मोटे आटे की रोटी का प्रयोग करें मैदे या बेसन से बने पदार्थ बिस्कुट, ब्रेड, समोसा, कचौड़ी, मिठाई इत्यादि से बचें।

  15. अलग-अलग भोज्य पदार्थ जो एक दूसरे के विपरीत होता है , जैसे दाल एवं चांवल, दाल एवं रोटी तथा नमकीन पदार्थ के साथ दूध इन सभी पदार्थो को एक साथ न ले ।

  16. भोज्य पदार्थों में मिर्च, मसाले, तेल, घी का कम से करें। तले मुने पदार्थों से बचें। कम प्रयोग 

  17. याद रखें की  पकायी हुई चीजों से कच्ची ताजी चीजों में अधिक गुण होता है। 

  18. "खाने को आधा करो, पानी को दूना,कसरत को तिगुना और हंसना चौगुना।" यह स्वास्थ्य का मूलमंत्र है।

  19. क्या आप जानते हैं - जल के चमत्कारी गुण को 
  20. सप्ताह में एक दिन उपवास, रसाहार या फलाहार अवश्य करें। व्रत तोड समय भारी पदार्थ यथा, पराठा, सिंघाड़े का आटा अथवा आलू के हलवा, पूड़ी, बरफी, मिठाईयां दूध के प्रयोग से बचें। इस तरह के गरिष्ठ वस्तुओं के उपयोग से यकृत एवं आमाशय पर बोझ पड़ता है फलतः भावी रोगों का कारण बनता

  21. पुराने कब्ज होने की स्थिति में जुलाब का उपयोग हानिकारक है। अतः प्राकृतिक चिकित्सा के साधन जैसे आहार परिवर्तन, गरम ठंडी सेंक, मिट्टी पट्टी एवं एनिमा से कब्ज दूर करें।

  22. सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, दस्त होने की स्थिति में भोजन बंद करके प्रत्येक घंटे में रूचि के अनुसार ठंडा या कुनकुना जल पियें तो सामान्यतः तीन दिन में ही बिना औषधि के रोग ठीक हो जाता है। किन्तु यदि केवल पानी पीकर न रहा जाये तो सब्जियों के सूप लें।

  23. काम, क्रोध ईर्ष्या, द्वेष, उतावलापन, उदासी, चिड़चिड़ापन आदि से दूर रहें।

  24. प्रत्येक काम को कर्तव्य समझकर लगन एवं उत्साह के साथ करें।। 

  25. वर्तमान में जियें, न भूतकाल का कब्र खोदें न ही भविष्य की लंबी चिंता करें।

  26. चीजों की यही जानकारी न होना ही रोगों का मुख्य कारण है तथा व्रत एवं प्रायश्चित के द्वारा सारे रोगों का निराकरण होता है। अतः रोग होने पर तत्काल आत्म निरीक्षण कर कारणों को दूर करें। 

  27. गीता के श्लोक के अनुसार अपना जीवन संतुलित रखें। युक्ताहार विहारस्य युक्त चेष्टस्य कर्मसु । युक्त स्वप्नावबोधस्य योगो भवति दुःखहा ।। गीता 6 / 17 ।। दुखों का नाश करने वाला योग तो यथायोग्य आहार विहार करने वाले कर्मों में यथायोग्य चेष्टा करने वाले का और यथा योग्य सोने तथा जागने वाले का ही सिद्ध होता है।

तो दोस्तों इन स्वास्थ्य संबंधी सलाह health advice को बस जानना जरूरी नहीं है, इन्हे अपने दिनचर्या में आप शामिल भी करे तब जा कर आपको इसका फायदा मिल पायेगा वरना नहीं, इस स्वस्थ संबंधी सलाह को अपने सभी दोस्तों तक शेयर जरूर करे ताकि वे भी अपने सेहत और जीवन को बेहतर बना सके। 



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