आंखों की आम बीमारियां | Common Eye Diseases
आज बढ़ते प्रदुषण के समय में यदि पर्यावरण के अलावा और भी कोई चीज हैं जो ज्यादा प्राभावित हुई हैं तो वह हैं मानव शरीर की इन्द्रियां. जिन इन्द्रियों में सबसे महत्वपूर्ण होता हैं हमारी आँखे, आँखों के बिना किसी व्यक्ति का जीवन में अँधेरा हो जाता हैं. आज के इस आर्टिकल में हम आपको आंखों की आम बीमारियो के बारे में जानकारी देंगे. जिसे जानने के बाद आप इन बीमारियों के प्रति जागरूक हो सकते हैं.
01. ड्राई आईज सिंड्रोम (Dry Eyes Syndrome)-
आंखें सूखना एक ऐसी समस्या है, जिसमें आंखों की आंसू बनाने वाली ग्रंथि तेजी से और सही मात्रा में आंसू नहीं बना पाती। केटकंजंक्टिविटिस सिक्काइस नाम से भी जाने-जानी वाली इस बीमारी में आंखों में खुजली, जलन, लाली और सूजन आ जाती है। कभी-कभी इसके कारण कम दिखना भी शुरू हो जाता है।
02. कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis)-
कंजंक्टिवाइटिस में पलकों की अंदरूनी सतह और कॉर्निया को ढंकने वाले टिश्यू में सूजन आ जाती है। इसे पिंक आई, आंख आना या नेत्र शोथ के नाम से भी जाना जाता है। इसके मुख्य लक्षण, आंखों में लाली, खुजली, जलन, आंसू, आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं।
इनके बिना हम जीवन की कल्पना करने से भी डरते हैं। आंखे इतनी नाजुक होती हैं कि इनको हुआ हल्का सा भी नुकसान इन्हें खराब कर सकता है। लेकिन इनके प्रति थोड़ी सी सावधानी बरतने से आंखों को सालों सालस्वस्थ्य रखा जा सकता है। कीचड़ और तेज चुभन हैं। यह बीमारी हर उम्र के लोगों को हो सकती है। इसका कारण, संक्रमण, रसायन का संपर्क और उत्तेजक पदार्थ, या एलर्जी होते हैं।
03. आंसू आना (Tears Fall)-
इस बीमारी में आंखें रोशनी, हवा और तापमान में परिवर्तन के लिए बहुत संवेदनशील हो जाती है और आँखों से बहुत ज्यादा पानी आना शुरू हो जाता है। कभी-कभी धूप का चश्मा और अपनी आंखों को ढंककर इस बीमारी से बचा जा सकता हैकभी-कभी आंखों से लगातार पानी आना, समस्या का संकेत भी हो सकता है।
04. कॉर्नियल डिजीज (Corneal Disease)-
कॉर्निया, आंखों के सामने साफ और गुंबद के आकार का होता है। यह आंखों पर पड़ने वाले प्रकाश पर फोकस करने में मदद करता है। कोई अन्य बिमारी, संक्रमण, चोट, या किसी टॉक्सिक पदार्थ के संपर्क में आने पर कॉर्निया क्षतिग्रस्त हो जाती है। जिसके कारण आंखें लाल होना, आंखों में पानी, दर्द, देखने की क्षमता कम होना, और हेलो इफेक्ट जैसी समस्या हो सकती है।
05. पलकों की समस्या (Eyelid Problems)-
हमारी पलकें हमारी आंखों की सुरक्षा करते हैं। यही आंसू वितरण और आंख में प्रवेश करने वाली प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करते है। दर्द, खुजली, आंसू और प्रकाश के लिए आंखों का संवेदनशील. होना इसके आम लक्षण हैं। इसके अलावा डुपिंग आईलिड, पलक झपकाने पर ऐंठन, आईलैश के पास पलकों की बाहरी किनारों पर सूजन जैसी समस्या भी देखने को मिलती है।
06. आंखों की परेशानियां (Eye Problems)-
आंखें शरीर का प्रमुख अंग होती हैं। विभिन्न मौसम के अनुरुप आंखों में अनेक रोगों की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए आंखों से जुड़े विभिन्न लक्षण कई तरह के रोगों की ओर इशारा करते है। किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर विशेषज्ञ सबसे पहले आंखों की जांच करते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि कई रोगों की जानकारी आंखों से ही मिलती है। जानते हैं कि आंखों में किसी भी तरह का बदलाव होने से क्रोन सौ बीमारियों का पता लगाया जा सकता है, और ऐसा करके आप आँखों की परेशानी का पता लगाकर उसका इलाज कर सकते हैं.
07. एलर्जी (Allergies)-
आंखों में एलर्जी होना सामान्य बात है जिसका आंखों को गुलाबी रंगत से पता लगाया जा सकता है. एलर्जी किसी भी प्रकार की हो सकती है जैसे धूल-मिट्टी और धूप से भी।
08. आइराइटिस (Iritis)-
कई बार आंखों में कचरा गिर या हल्की चोट लगने से आंख की पुतली और पर्दे प सूजन व जलन होने लगती है जिस वजह से आंख का रंग बदलकर बैंगनी हो जाता है। इस समस्या के आइराइटिस कहते हैं। वैसे तो आइराइटिस बड़ी ही सामान्य सी चीज लग रहो हो परन्तु यह बड़ा रूप ले कर गंभीर सम्सयायें भी उत्पन्न कर सकता हैं.
09. काला मोतिया (काला मोतिया)-
लंबे समय से दर्द महसूस होने और लालिमा दिखने से आंख में काले मोतिया की समस्या की आशंका हो सकती है।
10. ब्लेफेराइटिस (Blepharitis)-
आंखों की पलकों के किनारे इंफेक्शन होने पर जब सूखापन, खिंचाव, सूजन और आंखों को खोलने व बंद करते समय दर्द महसूस हो तो इस समस्या को ब्लेफेराइटिस कहते हैं।
11. गुहैरी (Guhairy)-
कई बार आंख के अंदरूनी या बाहरी भाग में इंफेक्शन होने के कारण दर्दभरी फुसी हो जाती है। इसे गुहैरी कहते हैं। ऐसे में आंख बंद करने में परेशानी महसूस होती है।
तो दोस्तों आंखों की आम बीमारियां | Common Eye Diseases से जुडी यह जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट में बताएं, और आपसे निवेदन हैं की इस जानकारी को अपने सभी दोस्तों को शेयर जरूर करें ताकि वे भी इस जानकारी को जान सके और अपने आँखों को सुरक्षित रख सके.
