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नींद की कमी से नुकसान 

आज के समय में कई लोगों की जीवनशैली अस्त-अस्त व्यस्त है। देर से सोते हैं और देर से उठते हैं। कुछ लोग देर से सोते हैं, लेकिन सुबह जल्दी उठ भी जाते हैं. ऐसे में नीद भी सात घंटे से कम हो पाती है। आज के इस लेख में हम नींद की कमी से होने वाले नुकसान के बारे में जानेंगे. अगर आप अच्छा खाते हैं और नियमित रूप से व्यायाम करते हैं लेकिन रोज कम से कम सात घंटे की नींद नहीं लेते हैं, तो आपको स्वास्थ्य से सम्बंधित गंभीर समस्याएं हो सकती है। 

Sleep Deprivation


जरूरी है कि आप अपनी ऊर्जा को रिचार्ज करने के लिए रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नीद अवश्य लें। यदि नहीं लेंगे, तो इसका सीधा असर याददाश्त पर पड़ सकता है, गुस्सा और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

हम नींद की कमी व नींद की कमी से होने वाले नुकसान के बारे में आपको कुछ महत्वपूर्ण जानकारी आपको निचे दे रहें हैं- 

नींद की कमी से नुकसान- 

  • मानसिक क्षमता पर प्रभाव
  • मन को खल जाती है नींद की कमी 
  • मासिकधर्म प्रभावित होगा 
  • वज़न बढ़ने का कारण है 
  • हृदय केलिए भी हानिकारक 
  • मधुमेह का जोखिम 
  • चिडचिडापन से सामना
  • दिन में नींद व आलस की समस्या
  • पाचन तंत्र पर प्रभाव  
  • हड्डियों का कमजोर हो जाना 

01. मन को खल जाती है नींद की कमी (Lack of sleep disturbs the mind)

नींद और मानसिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। नींद की कमी से व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए कहा जाता है कि जितनी अच्छी नींद होगी उतना ही अच्छा मानसिक स्वास्थ्य भी होगा। इसके अलावा जिन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उनमें अनिद्रा या अन्य नींद संबंधी समस्याओं से पीड़ित होने की संभावना ज्यादा होती हैं। बेताबी (एंग्जाइटी), अवसाद, बाइपोलर डिसऑर्डर और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर से पीड़ित मरीजों में नींद को समस्या (एडीएचडी) होने की संभावना अधिक होती है। 

02. मानसिक क्षमता पर प्रभाव (Eeffect on mental ability)

नींद की कमी मानसिक क्षमता को कम कर देती है। पर्याप्त नींद न लेने से शारीरिक स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में स्वस्थ मानसिक स्वास्थ्य के लिए आठ घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। जिन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य समास्याएं हैं उन्हें डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी बीमारियों से बचने के लिए सोने की आदतों में सुधार करना चाहिए और पर्याप्त आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। (पढ़े - भूलने की बिमारी के बारे में )

03. मासिकधर्म प्रभावित होगा (menstruation will be affected)

कम नींद लेने से मासिक धर्म की समस्याएं जैसे अनियमित पीरियड्स, स्पॉटिंग और हैवी फ्लो, ये सभी हो सकते हैं, खासतौर पर पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। इससे मासिक धर्म के दौरान दर्द और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी कम होती हैं। स्लीप एपनिया यानी नींद की कमी का रोग शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को नुकसान पहुंचता है। नींद के दौरान शरीर की लगभग हर कोशिका की मरम्मत होती रहती है। लेकिन नींद की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

04. वजन बढ़ने का कारण है (Cause weight gain)

नींद पूरी न होने से दिन भर थकान और सुस्ती बनी रहती है। इस वजह से लोगों में अस्वस्थ भोजन खाने की आदत बढ़ जाती है जिससे वजन बढ़ता है। दूसरा कारण यह है कि जो लोग कम सोते हैं, उनकी शारीरिक क्रिया या व्यायाम छूटने से वजन बढ़ जाता है।

जाने - स्वास्थ्य जीवन के पाच मन्त्र 

05. हृदय के लिए भी हानिकारक (Harmful to the heart)

यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार नींद की कमी के कारण अजित के लिए दिल के रोगों का खतरा बढ़ जाता है। रचा गया कि जिन लोगों को हृदय की बीमारी के लो। घंटे से भी कम सोते थे। इस वजह से उनका हृदयक कार्य प्रभावित हो रहा था। कोरोनरी हार्ट डिजीज पर रोग, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और हापट का कारण नींद की कमी हो सकता है।

06. मधुमेह का जोखिम (Risk of diabetes)

पर्याप्त नींद ना लेने से मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है। कम नींद लेने से शरीरे अपड शुगर (रक्त शर्करा) को नियंत्रित करने वाले होमोन इंसुलिन को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाता। नींद की कमो सुलिन उत्पादन और ग्लूटेन टोलरेंस (सहनशीलता) को कम करती है। इस वजह से कोशिकाएं इंसुलिन का उपयोग करने में कम प्रभावी हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप मधुमेह हो सकता है।

07. चिड़चिड़ापन से सामना – 

नींद पूरी ना हो पाने की वजह से कई बार हमें चिड़चिड़ापन का सामना करना पड़ता हैं. जिसका सीधा असर हमारे दिनचर्या पर पड़ता हैं और हम आसन कामो को भी अच्छे से नहीं कर पाते जिसका नुकशान हमें उठाना पड़ता हैं. साथ ही चिड़चिड़ापन होने की वजह से हमारे व्यवहार पर भी असर पड़ता हैं. 

 08. दिन में नींद व आलस की समस्या (Daytime sleepiness and lethargy)

जब हमारी नींद पूरी नहीं होती तब अक्सर हमें दिन के समय में नींद या जम्हाई आती हैं और यह हमारे सेहत के लिए सही नहीं होता. और हम दिन में नींद आने की वजह से फ्रेश भी फील नही करते हैं. रात के समय में नींद पूरी नहीं होने से हम आलस फील करते हैं और इसी आलास की वजह से हमारे काम भी बिगड़ते हैं. 

09. पाचन तंत्र पर प्रभाव (Effect on the digestive system)-  

कम नींद का प्रभाव आपके पाचन तंत्र पर भी पड़ता है. पर्याप्त नींद न लेने पर पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, जिसके कारण आपको पेट साफ न होने या कब्ज की समस्या भी हो सकती है.

10. हड्डियों का कमजोर हो जाना (Weakening of bones)

ऑस्ट‍ियोपोरोसिस नामक बिमारी में अच्छी नींद नहीं लेने की वजह से हड्डियां कमजोर होना शुरू हो जाती हैं. इसके अलावा हड्डियों में मौजूद मिनरल्स का संतुलन भी बिगड़ जाता है. इसके चलते जोड़ों के दर्द की समस्या पैदा हो जाती है.

Conclusion:– 

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने  नींद की कमी से नुकसान या नींद की कमी से होने वाले कुछ नुकसान के बारे में जाना. यदि आपको यह जानकारी पसंद आयी हो और उपयोगी लगा हो तो इस आर्टिकल और जानकारी को शेयर जरूर करें. “धन्यवाद”

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