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हृदय शूल-एंजाइना पेक्टोरिस (Angina Pectoris)

हृदय शूल/एंजाइना पेक्टोरिस को अन्य नाम जैसे हृत्शूल, हृच्छूल, हृदय का दर्द। इन सभी से भी जाना जाता हैं.

What is Angina Pectoris

हृदय शूल/एंजाइना पेक्टोरिस की जानकारी में हम जानेंगे-

  • हृदय शूल/एंजाइना पेक्टोरिस क्या होता हैं
  • एंजाइना पेक्टोरिस के लक्षण
  • एंजाइना पेक्टोरिस के कारण
  • एंजाइना पेक्टोरिस की पहचान कैसे करें
  • एंजाइना पेक्टोरिस के परिणाम
  • एंजाइना पेक्टोरिस के उपचार  
  • एंजाइना पेक्टोरिस के घरेलु उपाय

हृदय शूल/एंजाइना पेक्टोरिस क्या होता हैं:-  

हृदय स्थल पर तीव्र पीड़ा उठती है, बहुत बेचैनी होती है। यह अरक्तता जन्य (Ischemic) हृदय रोग है। इसमें कोरोनरी धमनी के सिकुड़ने से हृदय को पर्याप्त रक्त पूर्ति न होने के कारण स्टर्नम हड्डी के नीचे अचानक तेज दर्द उठता है तथा सीना जकड़ने लगता है. 

हृदय शूल में भ्रम करने पर दर्द बढ़ जाता है और यह अक्सर बाएँ कंधे की ओर फैलकर नीचे बाँह में जाता है अथवा ऊपर जबड़े में फैल जाता है।

 

एंजाइना पेक्टोरिस के लक्षण (Symptoms Of Angina Pectoris):-

  • एंजाइना पेक्टोरिस में हृदय स्थान में विशेष प्रकार का दर्द, होता है, जो एकाएक या तो आराम/'वेश्राम के समय उठता है अथवा रात को सोने के समय उठता है। 
  • पहले एकाएक उठकर क्रमशः धीरे-धीरे कम होता है दर्द का अनुभव प्रायः छाती के अगले भाग में। 
  • कभी-कभी पिछले और बाएँ भाग में भी। 
  • दर्द इतना तीव्र मानों छाती में कोई चीड़फाड़ कर रहा है। 
  • कभी-कभी छाती में जलन। साँस लेने में कष्ट। आँख और नाक से कभी-कभी पानी। 
  • कभी-कभी मितली अथवा वमन (Nausea & Vomitting)। (जाने - खाना न पचने की वजह )
  • एंजाइना पेक्टोरिस में दिल की धड़कन एवं नाड़ी की गति तीव्र और कभी-कभी हिचकी।

एंजाइना पेक्टोरिस के कारण (Due To Angina Pectoris):-

  • मध्य उम्र के बाद स्त्रियों की अपेक्षा पुरुषों में बीमारी 10 गुना अधिक। 
  • मस्तिष्क का कार्य करने वालों को अधिक। तीव्र रोग जैसे-एन्फ्लूएन्जा, मलेरिया अथवा आमवातिक ज्वर के उपरान्त उत्पन्न होता है। 
  • उपदंश (Syphilis) से सीधा सम्बन्ध । 
  • सर्दी लगना, मानसिक थकान एवं उत्तेजना, अधिक भोजन, अधिक तम्बाकू का सेवन रोग की उत्पत्ति में सहायक। 
  • शराब पीना, बहुत दिनों तक मानसिक उद्वेग, हृदय रोग, रक्तवाहिनियों के रोग, वृक्क रोग और स्थूलता आदि उत्पादक कारण। 
  • अत्यधिक शारीरिक परिश्रम एवं चिन्ता। कुछ लोग इसे वंश परम्परागत रोग भी मानते हैं।

एंजाइना पेक्टोरिस के लिए याद रखिए (Remember For Angina Pectoris):-

  • दर्द इतना उग्र होता है कि रोगी सिहर उठता है और सोचता है कि उसकी छाती कई टुकड़ों में विभक्त न हो जाए। 
  • रोगी का चेहरा व्याकुल एवं उतावला हो जाता है। त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है और पसीना भी अधिक आता है।
  •  हृदय की गति बंद होकर रोगी की मौत दर्द के दौरे के समय भी हो सकती है और बाद में भी हो सकती है। 

एंजाइना पेक्टोरिस की पहचान कैसे करें (How To Recognize Angina Pectoris):-

  • नाड़ी की तीव्रता एवं रक्तचाप में वृद्धि, दर्द के साथ अफारा आदि लक्षणों से इसे पहचाना जा सकता है। 
  • दर्द के दौरे के बाद प्रायः अधिक मात्रा में पीला पसीना आता है। 
  • संदेह होने पर विद्युत हृल्लेख (Cardio gram) कराना चाहिये। 
  • इससे हृदय में आये बदलाव आ जाते हैं।

एंजाइना पेक्टोरिस के परिणाम (Consequences Of Angina Pectoris):-

  • रोग का परिणाम क्या होगा बताना निसान प्रायः सहसा मृत्यु और हृद् रोधगलन (Cardiac infarction) में से एक का होगा। प्रायः देखा जाता है।
  • पहले ही रोग के आक्रमण में मृत्यु हो सकती है। प्रायः 50% रोगियों की मृत्यु सदा अकस्मात । हृदय कार्यावरोध से होती है।

एंजाइना पेक्टोरिस के उपचार  (Treatment Of Angina Pectoris):-

  • मूल कारण की चिकित्सा आवश्यक । हर सम्भव उपाय द्वारा हृदय के कार्य को करना आवश्यक है। रोगी को चाहिये कि वह वेदना होने के तत्काल ही जहाँ, का तहाँ वैसा ही खड़ा रहे अथवा बैठ जाये। प्रायः ऐसा करते ही वेदना शान्त हो जाती है। 
  • रोगी को 3 चम्मच ब्रांडी तत्काल पिला दें।

एंजाइना पेक्टोरिस के घरेलु उपाय (Home Remedies For Angina Pectoris):-

  • भोजन लघु, अल्प और सुपाच्य होना चाहिये। 
  • धूम्रपान और मदिरा का पान बिल्कुल बंद कर दें और शरीर को भी स्थूल न होने दें। रोगी को गरम रखना चाहिये, क्योंकि ठंड लगने मात्र से यह दर्द हो जाया करता है.
  • दौरे के समय रोगी की गर्दन और छाती के सख्त चीजें हटा दें और कपड़े के बटन हटा दें। रोगी को शुद्ध वायु मिलती रहे।

एनजाइना टेस्ट (Angina Test):-

  • स्ट्रेस टेस्ट (Stress test)
  • होल्टर (ECG)
  • कोरोनरी एन्जियोग्राफी।

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