सही दिनचर्या क्या है ?
अक्सर लोग अपने सेहत को ले कर यह सवाल करते है की सही दिनचर्या क्या है ? क्योकि जो सवाल करते है सही दिनचर्या क्या है ? वह जानते है दिनचर्या का महत्त्व क्या होता है हर कोई अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाना तो चाहते है पर उन्हें यह पता ही नहीं होता की सही दिनचर्या क्या है ?
आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे की सही दिनचर्या क्या है ? और अपने दिनचर्या को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाने के लिए पहले आपको अपने कुछ रोजाना के कामो में बदलाव करना होगा, तो चलिए जानते है सुबह की शुरुआत से ले कर रात तक क्या-क्या करे।
Sahi Dincharya Kya Hai -
- सूर्योदय से पूर्व जागें तथा नींद खुलते ही बिस्तर में लेटे हुये सहज स्वाभाविक सांस को 5 मिनिट तक जानने का प्रयास करें।
- बिस्तर से उतरते ही शीघ्र 1 से 4 गिलास पानी पियें तथा शौच के लिए अवश्य बैठे चाहे शौच की इच्छा हो या न हो।
- प्राकृतिक ध्यान व योग अभ्यास करें।
- सही तरीके से दांतों को साफ करें तथा नमक सरसों तेल नींबू मिलाकर दांतों की मालिश कर सकते है ।
- मुंह में पानी भरकर ठंडे जल का आंखों में छींटे मारें।
- यदि उच्च रक्त चाप एवं हृदय रोग न हों तो शरीर को हाथों से रगड़कर गर्म करें तथा ठंडे पानी से स्नान करें। पानी सर्वप्रथम सिर में डालें और सारे बदन को हाथ से रगड़कर स्नान करें।
- अपनी क्षमता सुविधा तथा समय को ध्यान रखकर आसन प्राणायाम या प्रातःकालीन भ्रमण नियमित करें। साथ ही गर्दन तथा आंखों का अभ्यास अवश्य ही शामिल करें।
- ऋतु के अनुसार बहरी हवा भी ले , धूप स्नान एवं तेल की मालिश को भी सप्ताह में एक या दो दिन अवश्य शामिल करें।
- नाश्ते में सुविधानुसार मौसमी फल, दूध या अंकुरित चना मूंग / मूंगफली के साथ सलाद या फलों के रस या सब्जियों के सूप लें।
- दोपहर के भोजन में गेहूँ के मोटे आटे की रोटी अथवा चांवल, हरी सब्जी तथा सलाद लें। दमा अथवा एसिडिटी की समस्या होने पर भोजन के साथ सलाद न लेना ही उचित है।
- साधारण भोजन में 30 से 40 मिनिट का समय जरूर लगायें और प्रत्येक कौर को अच्छे से चबाने के बाद निगलें।
- भोजन के साथ पानी न लें। भोजन के आधा घंटे पहले पानी पियें और दो घंटे बाद। भोजन के बाद कुल्ला जरूर करें तथा दांतों को साफ रखें।
- उसके बाद प्रत्येक घंटे में एक-एक गिलास पानी पियें।
- दिन के भोजन के बाद 15 से 30 मिनिट विश्राम करें यदि समय कम हो तो 40 सांस सीधे लेटकर, 60 सांस दायीं करवट लेटकर तथा 80 सांस बांये करवट लेटकर शरीर को विश्राम दें, फिर काम में लगें।
- यदि आवश्यकता हो तो शाम को नाश्ते में केवल फल / जूस / सूप ही लें।
- कार्य से लौटने पर 5 मिनिट शवासन में लेटकर शरीर को शिथिल करें तथा विपश्यना ध्यान करें।
- रात्रि भोजन 8 बजे तक कर लें, जिसमें मोटे आटे की मोटी रोटी अथवा चांवल तथा हरी सब्जी लें। यदि संभव हो तो भोजन में फल शामिल करें।
- रात्रि भोजन के बाद थोड़ा टहलें तथा उचित रीति से मनोरंजन करें अथवा अध्ययन करें।
- भोजन के दो घंटे बाद एक गिलास पानी पियें।
- भोजन के पहल या सोने के पहलके शौच के लिए अवश्य जाय ।
- रात दस बजे बिस्तर में लेटे हुये सहज स्वाभाविक सांस को जानते हुये सो जाये !
तो दोस्तों यदि आप भी अपने जीवन को और अपने दिनचर्या को बेहतर बनाना चाहते है तो आपको बताये गए 21 बातो को अपने जीवन में अपनाना पड़ेगा तभी आप अपने दिनचर्या को बेहतर बना सकते है।
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