योग से दूर होगी आंखों की सूजन करें यह योगासन
आंखों की सूजन की समस्या (eye inflammation problem) आज के दौर में बढती जा रही हैं. आज की आधुनिकता में मोबाइल और कंप्यूटर जैसे चीजे एक ओर क्रान्ति का काम कर रही हैं तो दूसरी ओर यह आँखों के लिए कई तरह के समस्याओं को पैदा कर रहा है. आंखों की सूजन भी उसी में से एक हैं. आज के इस आर्टिकल में हम तीन ऐसे योगासन के बारे में जानेंगे जो आपके आखों को सूजन होने से बचाएगा.
01.भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama)
कैसे करें भ्रामरी प्राणायाम (How to do Bhramari Pranayama):-
- सबसे पहले सुखासन में बैठ जाएं।
- पीठ को सीधा और आंखें बंद करें और हथेलियों को घुटनों पर ऊपर की ओर रखें (प्राप्ति मुद्रा में)।
- इसके बाद दोनों कानों को अंगूठे से बंद करें।
- तर्जनी उंगली को माथे पर रखें, मध्यमा उंगली मेडियल
- कैन्थस पर और अनामिका उंगली को नथुने के कोने पर।
- श्वास लें और फेफड़ों में हवा भरें। फिर सांस छोड़ें। जैसे ही सांस छोड़ते हैं, मधुमक्खी की तरह धीरे धीरे एक भिनभिनाहट की आवाज करें यानी 'मममममममम...।'
- इसे करते वक़्त मुंह बंद रखें और महसूस करें कि ध्वनि का कंपन पूरे शरीर में फैल रहा है।
भ्रामरी प्राणायाम करने के फायदे (Benefits of doing Bhramari Pranayama):-
- भ्रामरी प्राणायाम से आँखों के सुजन से राहत मिलती है.(और पढ़े – आँखों की रौशनी कैसे बढ़ाए)
- भ्रामरी प्राणायाम करने से हम तनाव से छुटकारा पा सकते हैं.
- जिन्हें माइग्रेन या आधे सर की दर्द वाली समस्या हैं, तो भ्रामरी प्राणायाम फायदे मंद हैं.(यह भी देखें – प्रणायाम क्या हैं और फायदे )
- भ्रामरी प्राणायाम करने से मन को शांति मिलती हैं, जिससे आँखों की रौशनी में बढ़ोतरी होती हैं.
02.सेतु बँधासन (bridge bandhasana)
कैसे करें सेतु बँधासन (How to do Setu Bandhasana)
- पीठ के बल लेट जाएं। हाथों को बगल में रखें। हथेलियों को जमीन पर सटा कर रखें।
- पैरों को घुटनों से मोड़कर कूल्हों के क़रीब ले जाएं। कूल्हों को जितना हो सके फर्श से ऊपर की तरफ उठाएं।
- गर्दन सीधी रखें और शरीर को ऊपर उठाते हुए छाती को ठोड़ी के साथ लगाएं।
- इस दौरान सिर को स्थिर रखें और ध्यान रहे कि दोनों जांघे एक साथ रहेंगी।
- सांस छोड़ते हुए आसन को एक-दो मिनट या कुछ सेकंड के लिए करें।
- अंतिम में फिर सामान्य अवस्था में लौटें ।
सेतु बँधासन के फायदे (Benefits of Setu Bandhasana)
- सेतु बँधासन से रोजाना करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है. (खून की कमी से क्या होता हैं)
- सेतु बँधासन हमारे रीड, गर्दन और सीने में खिचाव होता हैं, जो फायदेमंद होता हैं.
- सेतु बँधासन हमें आलस, थकान और कमरदर्द जैसे समस्यायों से आराम दिलाता हैं.
- सेतु बँधासन हमारे मेटाबालिज्म को सुधारता हैं और पाचन में सहायक करता हैं.
03.पादहस्तासन (padahastasana)
कैसे करें पादहस्तासन (How to do Padahastasana)
- सीधे खड़े हो जाएं और पैरों को दो इंच की दूरी पर रखें।
- अब सांस लें और अपने हाथों को ऊपर उठाएं।
- शरीर को ऊपर की तरफ़ उठाएं साथ ही हाथों से लेकर कमर तक के हिस्से को आगे ले जाते हुए नीचे की तरफ़ झुकें ।
- हाथ से जमीन को छुएं या अगर ना हो सके तो छूने की कोशिस करें.
- यदि हो सके तो नाक को घुटनों के पास तक ले जाएं।
- इसे दस से तीस सेकंड तक करें।
- सांस लेते हुए धीरे-धीरे ऊपर की तरफ़ आएं।
- सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक स्थिति में लौटें। इन अभ्यासों के साथ-साथ, त्रिकुटी ध्यान जैसी ध्यान तकनीकें उगीत नेत्र स्वास्थ्य के लिए उत्तम हैं।
पादहस्तासन के फायदे (Benefits of Padahastasana)
- पादहस्तासन मष्तिस्क को शांत करता हैं जिससे, आँखों में दबाव की स्थिति नहीं बनती.
- पादहस्तासन जांघो को मजबूत करता हैं और पेट साफ करता हैं,
- पादहस्तासन थकान मिटने का काम करता हैं साथ ही सिरदर्द से निजाद दिलाता हैं.
इस आर्टिकल में बताए गए तीनो योगासन भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama), सेतु बँधासन (bridge bandhasana) और पादहस्तासन (padahastasana) कैसे करें और इन आसनों के फायदे को बताया. यदि आप इन तीन आसनों को सही तरीके से और रेगुलर करते हैं तो आपको इसका फायदा देखने को मिलेगा.




