खासी क्या है | reason for being
सामान्य भाषा में खासी, कास, खंग और अंग्रेजी में कफ परिचय- जिस विकार में रोगी बार-बार खाँसता है, और सूखी खाँसी आती है या ग से बलगम निकलता है, वह कास है। सामान्य व्यवहार में कास को शुष्क कास तथा आर्द्र (गीली) कास दो प्रकार में देखा जा सकता है।
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- खासी क्या है
- खासी के प्रकार
- खासी के लक्षण
- खासी के प्रमुख कारण
फुफ्फुस (Lungs) के रोगों का यह सर्व प्रमुख लक्षण है। श्वास मार्ग में अथवा फुफ्फुसों में स्थित किसी बाह्य पदार्थ, श्वास अवरोधक पदार्थ (Respiration | Obstruction Material) अथवा क्षोभक (Irritating) पदार्थ को बाहर फेंकने का यह प्रयास है।
याद रखिए- कास के साथ कफ (Sputum) हो सकता है अथवा नहीं भी हो सकता। पहले प्रकार को गीली (Productive cough or cough with expectoration) तथा दूसरे प्रकार को सूखी खाँसी (Dry or Non-productive cough) कहते हैं।
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खासी के प्रमुख कारण (Major causes of Khasi) -
मुख, नासिका तथा गले में धूम के प्रवेश र करने से या धूल-गर्द आदि के उक्त मार्गों में से अथवा वायु द्वारा प्रेरित आमरस के मुख की ओर आने से, व्यायाम तथा रुक्ष अन्न सेवन करने से, भोजन के विरुद्ध मार्ग में चले जाने से तथा मलादि तथा छींकों के वेग के अवरोध से कास की उत्पत्ति होती है। खाँसी श्वसन तंत्र (Respiratory System) के रोगों, रक्ताधिक्य, हृदयपात और मध्यावकाश (Mediastinum) के अर्बुदों का एक लक्षण होती है।
खासी के प्रमुख लक्षण (Major symptoms of cough) -
1. शुष्क कास- कास में कफ प्रेषक न होना, जाने बार-बार सूखी खाँसी होना, छाती में दर्द, सिर–शंख-उदर तथा पार्श्व में शूल, उरोदाह या वक्ष में घुटन, ज्वर, मुख शुष्कता, प्यास की अधिकता, मुँह में कड़वापन, स्वरभेद आदि लक्षण होते हैं ।
2. उत्पादी अथवा आर्द्र कास- कास में बार-बार खाँसी आना, बहुत-सा गाढ़ा कफ निकलना, मुँह का कफवृत्त रहना, दिनभर आलस्य, शिरःशूल, क्षुधानाश तथा शरीर में गुरुता आदि लक्षण होते हैं।
कास एक लक्षण है तथा दूसरी ओर यह स्वतंत्र रोग भी है, क्योंकि दोनों प्रकार की अवस्थाएँ उत्पन्न होती हैं। अनेक रोगों में कास एक लक्षण या उपद्रव के रूप में मिलता है, और जहाँ यह एक व्याधि के स्वरूप का होगा. | वहाँ इसके लक्षण, अवस्था तथा दोषानुसार रूप आदि भी रहेगा और तदनुरूप इसका निदान-चिकित्सा अभिप्रेत होगी ।
याद रखिए -
1. ग्रसनी शोथ (Pharyngitis), तुण्डिका शोथ (Tonsilitis), स्वरयंत्र शोथ (Laryngitis), श्वसनी विस्फार, श्वसनी शोथ, न्यूमोनिया, काली खाँसी, फुफ्फुसावरण शोथ आदि विकारों में कास संक्रमण (Infection) से होती है।
2.यांत्रिका क्षोभ (Mechanical Irritant) - धूम्रपान, स्वर यंत्र या श्वास प्रणाली में किसी बाह्य पदार्थ (शल्य -F.B.) का फँसना भी कास पैदा करता है ऐसी खाँसी मध्य स्थानिक (Mediastinal) अर्बुद या एन्युरिज्म की उपस्थिति में पायी जाती है।
3. प्रतिवर्त (Reflex)- अजीर्ण, उदर कृमि, हृदयावरण शोथ, कर्ण रोग गूथ (Wax), उदर विकार, यकृत विद्रधि आदि से भी कास की उत्पत्ति हो सकती है।
तो आज के इस आर्टिकल में हमने जान की खासी क्या है,खासी के सामान्य लक्षण,खासी होने की वजह आपसे निवेदन है की यह जानकारी सभी के साथ शेयर जरूर करे .

