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आसन क्या हैं और आसन के फ़ायदे ?

आसन शरीर की एक स्थिति हैं, जब हम शरीर की एक स्थिति में लम्बी अवधि तक बिना किसी तनाव के बिना किसी शारीरिक कष्ट के सुखपूर्वक रह सकते हैं तब वह स्थिति आसन कहलाती हैं।

  • आसन की जानकारी मे हम जानेंगे-
  • आसन क्या हैं?
  • आसन की परिभाषा 
  • आसनों को कितने भागो में बात गया हैं
  • आसनों का मुख्य उद्देश्य क्या हैं? 
  • आसन के लाभ क्या-क्या हैं ? 

योग शास्त्रों में परम्परा के अनुसार चौरासी लाख आसन हैं। अर्थात् पृथ्वी में जितने जीव जंतु हैं उतने ही प्रकार के आसन हैं लेकिन सभी चौरासी लाख आसनों को आज कोई नहीं जानता इसलिए चौरासी आसनों को ही प्रमुख माना गया हैं। शुद्धिकरण के बाद आसनों का अभ्यास शारीरिक स्थिरता एवं दृढ़ता के लिए किया जाता हैं। 

आसन क्या हैं | आसन के मुख्य फ़ायदे और उद्द्देश्य | Benefits of asanas in hindi

योग सूत्रों मे आसन की परिभाषा - "स्थिरसुखमासनम्"हैं ।

जिस शारीरिक स्थिति में आप स्थिर रह सकें और सुख का अनुभव करें, वह आसन हैं। 

आसनों को कितने भागो में बात गया हैं ?

आसनों को सिखाने के आधार पर दो भागों में बाँटा गया हैं।

01.गतिशील आसन  02. स्थिर आसन

गतिशील आसनों से शरीर को नियन्त्रण में लाने और लचीला बनाने का अभ्यास करते हैं। और बाद में अपनी क्षमतानुसार स्थिर आसनों का अभ्यास करते हैं। आसनों का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति दिलाना हैं और शरीर स्वस्थ सुन्दर बनाना हैं।

आसनों का मुख्य उद्देश्य क्या हैं? 

वैसे देखा जाय तो हमारे द्वारा किये जाने वाला प्रत्येक आसन हमारे शरीर को कही न कही लाभ पहुचाता हैं, साथ ही आसन के कई उद्देश्य होते हैं जिनमे से कुछ प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं-  

  1. आसनों का मुख्य उद्देश्य शारीरिक तथा मानसिक कष्टों से मुक्ति दिलाना हैं। 
  2. आसन से शरीर के जोड़ लचीले बनते हैं। इनसे शरीर की माँसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न होता हैं.
  3. आसन से शरीर स्वस्थ होती हैं तथा शरीर के विशाक्त पदार्थों को बाहर निकालने की क्रिया संपन्न होती हैं। 
  4. आसन से शरीर के आंतरिक अंगों की मालिश होती हैं जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ती हैं। 
  5. आसन शरीर के महत्वपूर्ण अंगो को लचीले रखते हैं। आसनों का सीधा प्रभाव शरीर की नस-नाड़ियों के अतिरिक्त सुक्ष्म कशेरुकाओं पर भी पड़ता हैं। 
  6. आसनों के अभ्यास से आकुंचन और प्रकुंचन द्वारा शरीर के विकार हट जाते हैं। 
  7. आसन से शारीरिक संतुलन के साथ-साथ भावनात्मक संतुलन की प्राप्ति होती हैं।

आसन के लाभ क्या-क्या हैं ? 

आसन के लाभ की बात करें तो, आसन के फायदों की गिनती नहीं की जा सकती यह हमारे शरीर को बाह्य प्रभावों होने वाले बीमारियों से बचाने के साथ-साथ यह हमें फीट रहने में भी मदद करता हैं. आइये देखते हैं आसन के कुछ खास फायदों को-

01. एकाग्रता व्यक्ति में सुधार – 

आसन करने के प्रमुख लाभ में हमारी एकाग्रता सबसे अहम् हैं, क्योकि जो भी क्रियाकलाप हम अपनी दिनचर्या में करते हैं उसमें एकाग्रता बनाए रखने में आसन हमारी मदद करता हैं, चाहे आप एक विद्यार्थी हैं,एक व्यापारी या एक जॉब करने वाले.

02 . शरीर मुद्रा में सुधार- 

हमारे बात करने का तरिका, हमारे चलने का अंदाज और इसके साथ ही हम खड़े कैसे होते हैं, ये सभी क्रिया हमारे शाररिक मुद्रा में आता हैं. आसन करने से हमें अपने शाररिक मुद्रा को शुधारने का मौका मिलता हैं. 

03 . लचक में सुधार होना – 

हमारे शरीर में लचकपन का होना बहुत जरूरी हैं. क्योकि हमें अपने दिनचर्या में  न जाने कितने सरे उतार चढ़ाव से भरे काम करने पड़ते हैं और ऐसे में यदि हमारे शरीर में लचक हो तो यह हमें कई तरह के चोटों से बचाता हैं.

04 . थकान से मुक्ति – 

हमारा शरीर के मशीन की तरह कार्य करता हैं और मशीन एक समय के बाद कार्य करना कम कर देता हैं और साथ ही उसकी क्षमता भी कम हो जाती हैं. ऐसे में यदि आप आसन करते हैं तो यह आपके शरीर में अलग ही ऊर्जा का संचार करता हैं और आपका स्टेमिना बना रहता हैं. जिससे आप थकान से कोसो दूर रहते हैं. 

05. ह्रदय एवं फेफड़ो को फायदा- 

हमारे शरीर के दो मुख्य कार्यकारी अंग ह्रदय और फेफड़ा इनका स्वास्थ रहना आपको हमेसा तंदरुस्त दिखाता हैं. क्योकि हमारे शरीर में होने वाले जायदातर क्रियाये इन्ही दो अंगो से संपन्न होती हैं और साथ ही एक उम्र के आते आते अधिकतर लोगो को इन्ही दो अंगो से सम्बंधित रोग घेर लेते हैं.

तो हमने आपको आज के इस आर्टिकल में आसन क्या हैं, आसन के उद्देश्य और साथ ही आसन के कुछ महत्वपूर्ण फायदों को जाना, हम उम्मीद करते हैं की यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो और आसन के बारें में इतनी जानकारी आसन के इतने फायदों के बारें में जान कर आप भी अपने जीवन में आसन को लायेंगे. “ धन्यवाद” 


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