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तीव्र अग्नाशय शोथ (acute pancreatitis)

अग्नाशयशोथ अग्नाशय का सूजन है जो दो बिलकुल ही अलग रूपों में उत्पन्न होता है। एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस (acute pancreatitis) तीव्र अग्नाशयशोथ अचानक होता हैं जबकि क्रोनिक पैन्क्रियाटाइटिस की विशेषता "वसा पदार्थ के ज्यादा बहाव या  तीव्र अग्नाशयशोथ मूत्रमेह के साथ या फिर बिना बार-बार या निरंतर होने वाला पेट दर्द है।

एक्यूट अग्नाशय शोथ के लक्षण, कारण और उपचार

तीव्र अग्नाशय शोथ हेतु रुपरेखा:- 

  • तीव्र अग्नाशय शोथ के कारण क्या हैं ?
  • तीव्र अग्नाशय शोथ के लक्षण क्या-क्या हैं ?
  • तीव्र अग्नाशय शोथ की पहचान कैसे करें ?
  • तीव्र अग्नाशय शोथ के परिणाम क्या-क्या हैं ?
  • तीव्र अग्न्याशय शोथ की चिकित्सा विधि ?
  • तीव्र अग्न्याशय शोथ के लिए पथ्य चिकित्सा / सहायक चिकित्सा ?

तीव्र अग्नाशय शोथ के कारण क्या हैं:-

  • नवयुवकों तथा वृद्धों में। संक्रमण प्रमुख कारण।
  • बाहारी आघात का हो जाना।
  • गाल ब्लैडर तथा विलयरी डक्ट्स की बीमारी से इसका गहरा संबंध हैं।

तीव्र अग्नाशय शोथ के लक्षण क्या-क्या हैं:-

  • उदर के ऊपरी भाग में बड़ा कष्टदायक तीव्र पीड़ा।
  • यह तीव्र पीड़ा पीठ या कंधे की ओर जाता प्रतीत होता है। अथवा समरत उदर में फैल जाता है।
  • पेट के ऊपरी भाग की पेशीयां कठोर हो जाना तीव्र अग्नाशय शोथ का मुख्य लक्षण हैं ।
  • पेट के खाद्यपदार्थ मुह के जरिये बहार आना एवं उल्टी (Nausea & vomiting) अफारा।

तीव्र अग्नाशय शोथ की पहचान कैसे करें:-

  • रक्त परीक्षा में श्वेत कणों की वृद्धि (Leucocytosis) मिलती हैं।
  • मूत्र परीक्षा में शर्करा की उपस्थिति ।
  • स्टेथिस्कोप परीक्षा में आंत्र की ध्वनि सुनाई नहीं देती।
  • यदि रोगी को मम्प की शिकायत रही है
  • अथवा अधिक शराब पीने का आदी है. तो ऐसी अवस्था में रोग का संदेह करना चाहिए।

तीव्र अग्नाशय शोथ के परिणाम क्या-क्या हैं:-

  • तीव्र अग्नाशय शोथ एक असाध्य रोग हैं।
  • पेरीटोनियम पर प्रभाव पड़ने के कारण आमाशय के सामने अकस्मात पीडा एवं गंभीर निपात ।
  • क्रॉनिक कोलीसिस्टाइटिस (Chronic cholecystitis) का इतिवृत्त ।

तीव्र अग्नाशय शोथ के लिए याद रहे :- 

01.यह दर्द रोगी के आगे की ओर झुकने, पेट के बल लेटने तथा सामने की ओर किसी भी प्रकार से उस स्थान पर दबाने से कम हो जाता है।

02.अग्नाशय शोथ का संदेह होने पर रोगी को अस्पताल भेज देना चाहिए. क्योंकि 'अपेंडिक्स शोथ एवं 'आंत्र अवरोध के लक्षण भी इसी जैसे होते हैं। अक्सर बड़े सर्जन भी इस रोग के निदान में धोखा खा जाते हैं। ऐसे केस देखने में आए हैं कि अपेंडिक्स शोथ के लिए उदर को खोला गया.

03.परंतु पता चला कि रोगी अग्नाशय रोग से ग्रस्त हैं।

04.इसके विपरीत कई बार ऐसा भी देखा गया हैं कि रोग का आक्रमण अपने आप ही शांत हो जाता हैं।

तीव्र अग्न्याशय शोथ की चिकित्सा विधि:-

  • रोगी की चिकित्सा रोग की अवस्थानुसार की जानी चाहिए।
  • चिकित्सा आधुनिक औषधियों से ही संभव हो पता हैं । 
  • दर्द एवं शॉक की चिकित्सा प्राथमिकता के आधार पर करें।
  • संक्रमण की चिकित्सा का मुख्य आधार मानकर की जानी चाहिए।
  • तीव्र अग्न्याशय शोथ के लिए पथ्य चिकित्सा / सहायक चिकित्सा:- 
  • शैय्या पर पूर्ण विश्राम की आवश्यकता होती हैं।
  • मुख से आहार तथा जल न दें। आमाशय में संचित पदार्थ एवं श्लेष्मा को 'रायल्स नलिका' द्वारा निकालते रहना। 
  • आहार में चिकनाई की मात्रा कम एवं मद्यपान यानी नशीली पेय पदार्थो का पूर्ण निषेध।
  • डेक्स्ट्रोज नॉर्मल सैलाइन आई.वी. द्वारा निरंतर देते रहना !

तीव्र अग्नाशय शोथ ( एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस) से जुडी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां हमने आपको इस  एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस आर्टिकल में बताया. यह तीव्र अग्नाशय शोथ ( एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस) का इन्फोर्मेशन उपयोगी लगी हो तो इसे शेयर करें. 

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