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कोणासन (konasana)

अगर आपके मांसपेशियों में दर्द और थकान जैसे रहती है। सारा दिन आपको आलस्य छाया रहता है तो कोणासन (konasana) आपको राहत दिला सकता हैं, आपके पैरों में दर्द भी रहता है. ये सब तकलीफ से छुटकारा पाने के लिए आप कोणासन (konasana) कर सकते है। इसलिए आपको मांसपेशियों को मजबूत बनाना हो या फिर फेफड़ों को स्वस्थ रखना हो, तो कोणासन (konasana) करने से सारी तकलीफे दूर हो जायेगी. चलिए जानते हैं कोणासन (konasana) से जुडी पूरी जानकारी के बारे में.

कोणासन के लाभ, विधि और सावधानिया | Benefits, Method and Precautions of Konasana

कोणासन करने की स्थिति (konasana position):– 

कोणासन करने के लिए दोनों पैर लगभग डेढ़ दो फीट के अन्तर पर फैलाकर या 90 डिग्री का कोण बना कर खड़े हो जाएँ। दोनों टांगों को फैलाएं और बीच में पैर के दोनों पंजों को बाहर की तरफ झुकाएं, यह कोणासन (konasana) करने की स्थिति हैं.

कोणासन कैसे करें (how to do konasana in hindi):– 

श्वास अन्दर भरते हुए निचे झुके और दाएँ हाथ से बाएँ पैर के पंजे का स्पर्श करें तथा बाएँ हाथ को ऊपर उठाकर हथेली को देखें जैसे ऊपर चित्र में दिखाया गया हैं। 

श्वास अन्दर भरते हुए बाएँ हाथ से दाहिने पैर के पंजे का स्पर्श करें तथा दाहिने हाथ को ऊपर उठाकर दाहिनी हथेली को देखें. जैसे ऊपर चित्र में दिखाया गया हैं। 

कोणासन करने की विधि(method of konasana):-

पहली स्थिति :- सबसे पहले आप सावधान की स्थिति में सीधे खड़े हो जाएं। इस तरह से खड़े हों ताकि आपके दोनों पैरों के बीच दो से ढाई फुट दूरी रह सके.

दूसरी स्थिति :- फिर अपनी कमर को धीरे-धीरे बाईं ओर झुकाकर बाएं हाथ की उंगलियों से बाएं पैर के पंजों को छुएं और दाएं हाथों को बिल्कुल सीधा सिर के पास कनपटियों से लगाकर सिर की सीध में रखें.

कोणासन कितने समय करें (how long to do konasana):-

कोणासन (konasana) आप सुबह या शाम दोनों में से किसी भी समय कर सकते हैं. पर ध्यान रहे की कोणासन (konasana)  सैदव खाली पेट करें.कोणासन(konasana) कम से कम  समय 5 से 10 बार करें। 

कोणासन के लाभ (Konasana Benefitsi in Hindi)

  • कमर, पसलियों और साइटिका का दर्द दूर होता है। 
  • फेफड़े पुष्ट, कमर पतली और शरीर हल्का होता है। 
  • इसके नियमित अभ्यास से चेहरे पर तेज आता है एवं शरीर पुष्ट हो जाता है।
  • इससे मन की एकाग्रता प्राप्त होती है
  • मानसिक तनावों से मुक्ति मिलती है। 
  • वीर्य की ऊर्ध्वमुखी हो जाती है। 
  • शरीर सदैव स्वस्थ रहता है।
  • हाथ, पैर और धड़ के सभी भागों में सुदृढ़ता।
  • रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।
  • कब्ज़ में राहत मिलती है। पीठ के दर्द से निजाद

कोणासन करते वक्त सावधानी (Caution while doing konasana):-

  • कोणासन तभी करे जब पेट खाली हो, खाना खाने के बाद कोणासन ना करें.
  • यदि आपको पीठ व कमर की समस्या हैं तो कोणासन ना करें.
  • जिन्हें स्पॉंदिलाइटिस (रीड की हड्डिया जयदा प्रभावित)  की समस्या हो वह कोणासन ना करें.

अगर आपको कोणासन(konasana)  से जुडी यह सभी जानकारिया सही और उपयोगी लगी हो तो अपने और भी दोस्तों, अपने भाइयो और परिवार वालो तक इस कोणासन(konasana)की जानकारी को उन्हें शेयर करें और उन्क्की मदद करें.  

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